Monday, May 22, 2017

Baggage

You took up on a journey,
As this journey matters, 
You took along, 
all the things that matter,
They make your journey,
'Home, Away from Home' ;

You wanted them along,
To cherish the journey,
But instead,
Things seem as if mood-spoiling, 
They look nothing but your Baggage ;

Would you rid them off?

Oh dear, leave behind the baggage, 
Go get your New Beginnings!

- Swati May 22, 2017 20.00

Friday, May 19, 2017

प्रश्नटाळू


काय उपयोग मोठ्या छातीचा ? 
नुसतीच जर मिरवायचीत मापं तर? ;

तसा तर केलाच आहे सामना, 
अनेकांनी - जिवंत, ज्वलंत प्रश्नांचा,
थेट हृदय शस्त्रक्रीयेनंतर पण; 

आहे नं जर दमदार हृदय? 
तर मग करत का नाही, 
'एक तास प्रश्नोत्तरांचा?,

ज्यात नाहीयेत ठरवलेल्या निर्णयांच्या आघोषणा, वा 
थेट प्रक्षेपीत भाषणबाजीची नाटकं !!


-स्वाती मे 18 2017 16.49

Friday, May 12, 2017

पल




वैसे तो हर पल
जी ही लेते है !

कभी हसते,
कभी उलझते,
कभी सुलझाते,
कभी रो-रो कर तरसते,
सिर्फ जिये ही जाते;

उस पल को लेकीन 
हमने एक - दुसरे की 
ईट पर ईट ड़ालकर 
जो फासले तोड़े है,
की ईटोंके टुकड़ोंमेंसे
खिलती-हसती ज़िंदगी पायी।


- Swati May 12, 2017 11.09 am

Thursday, May 11, 2017

चांद

पूनम की रात को 
आयी एक सौगात ।

जिसकी सिर्फ आहट से 
उम्मीदोंकी रोशनी 
बस सी गई है 
गरीबखानेकी ईट ईट पर ।

हाए ! 

इस चांद की अमावस कभी न हो ।।

- Swati May 11, 2017 9.00 pm